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गणतंत्र दिवस भाषण, निबंध: गणतंत्र दिवस पर दे सकते हैं ये आसान भाषण

गणतंत्र दिवस भाषण, निबंध: गणतंत्र दिवस पर दे सकते हैं ये आसान भाषण,26 january 2019: wish everyone happy Republic Day share these 5 latest photos wishes gantantra diwas



गणतंत्र दिवस 2020 भाषण निबंध: 26 जनवरी को पूरा देश गणतंत्र दिवस मनाएगा। जिम के राष्ट्रपति जेयर बोलसोनारो भारत के 71 वें गणतंत्र दिवस पर आयोजित होने वाली परेड में मुख्य अतिथि हैं। राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली के राजपथ पर देश की सांस्कृतिक विविधता में एकता, अखंडता और कानूनी ताकत की झलक दिखाई देगी। गणतंत्र दिवस के अवसर पर विभिन्न स्कूलों, कॉलेज और सरकारी संस्थानों में कार्यक्रम आयोजित होते हैं। धवौरोहण के अलावा कई स्कूलों में निबंध लेखन और भाषण गतिविधियाँ भी होती हैं। अगर आप भी इस मौके पर स्पीच देने की योजना बना रहे हैं तो आप नीचे लिखी स्पीच की मदद ले सकते हैं।

आदरणीय मुख्य अतिथि, मेरे अध्यापक और मेरे सहयोगी ...

आज भारत अपना 71 वां गणतंत्र दिवस मना रहा है। 26 जनवरी को राष्ट्रीय अवकाश घोषित किया गया है। सबसे पहले मैं आपको बताना चाहता हूं कि गणतंत्र दिवस क्यों मनाया जाता है। वास्तव में इस दिन ही हमारे देश को अपना संविधान मिला था। 26 जनवरी 1950 को सुबह 10 बजकर 18 मिनट पर भारत का संविधान लागू किया गया था। संविधान लागू होने के बाद हमारा देश भारत एक गणतंत्र देश बन गया। इस के 6 मिनट बाद 10 बजकर 24 मिनट पर राजेंद्र प्रसाद ने भारत के पहले राष्ट्रपति के रूप में शपथ ली थी। इस दिन पहले बार सम्पूर्ण राष्ट्रपति डॉ राजेंद्र प्रसाद बग्गी पर बैठकर राष्ट्रपति भवन से निकले थे।

यह कॉन्स्ट ही है जो भारत के सभी जाति और वर्ग के लोगों को एक दूसरे चरणों में रखता है। भारत का प्रस्ताव दुनिया का सबसे बड़ा लिखित प्रस्ताव है। 2 साल, 11 महीने और 18 दिन में यह तैयार हुआ था।

संविधान को लागू करने के लिए 26 जनवरी का दिन इसलिए चुना गया, क्योंकि 1930 में इसी दिन कांग्रेस के अधिवेशन में भारत को पूर्ण स्वराज की घोषणा की गई थी।

गणतंत्र दिवस के अवसर पर राजपथ पर भव्य गणतंत्र दिवस समारोह का आयोजन होता है। राष्ट्रपति तिरंगा झंडा फहराते हैं। राष्ट्रगान और ध्वजारोहण के साथ उन्हें 21 तोपों की सलामी दी जाती है। अशोक चक्र और कीर्ति चक्र जैसे महत्वपूर्ण सम्मान दिए जाते हैं। राजपथ पर निकलने वाली झांकियों में भारत की विविधता में एकता की झलक दिखती है। परेड में भारत की तीनों सेना- नौ सेना, थल सेना और वायु सेना की टुकड़ी शामिल होती हैं और सेना की ताकत दिखती हैं।]

ऐसा नहीं है कि 26 जनवरी को राष्ट्रपति द्वारा झंडा फहराने और परेड व झांकियों आदि के समापन के साथ ही यह राष्ट्रीय त्योहार खत्म हो जाता है। 29 जनवरी को जनवरी बीटिंग रिट्रीट 'सेरेमनी के साथ गणतंत्र दिवस समारोह का समापन होता है।

आजादी मिलने और संविधान लागू होने के इतने बरसों बाद भी आज भारत अपराध, भ्रष्टाचार, हिंसा, नक्सलवाद, आतंकवाद, गरीबी, बेरोजगारी, अशिक्षा जैसी समस्याओं से लड़ रहा है। हम सभी को एक होकर इन समस्याओं को खत्म करने की कोशिश करनी चाहिए। भारत को जब तक इस समस्या से बाहर निकालते तब तक स्वतंत्रता सेनानियों का सपना पूरा नहीं होगा। एक पूरा प्रयास करने से श्रेष्ठ और विकसित भारत का निर्माण होगा।

इसी के साथ में अपने भाषण का समापन करना चाहते हैं।

जय हिंद ... जय भारत

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कॉन्टेक्ट से जुड़े रोचक तथ्य
- 02 भाषाओं हिंदी और अंग्रेजी में कॉन्स्ट की मूल प्रति प्रेम बिहारी नारायण रायजादा ने लिखी, कॉपी हस्तलिखित और कैलीग्राफ्ड थी
- 06 महीने की अवधि में लिखा गया कॉन्स्ट में टाइपिंग या प्रिंट का इस्तेमाल नहीं किया गया
- 395 अनुच्छेद, 8 सुझाव और 22 भाग संविधान लागू होने के समय थे
- 284 सदस्य इस कॉन्स्ट को बनाने वाली समिति में थे, जिन्होंने 24 नवंबर 1949 को कॉन्स्ट को दीखत किए थे। इसमें से 15 महिला सदस्य थीं
- 395 अनुच्छेद वाला हमारा पूरा संविधान हाथ से लिखा गया था।
- भारतीय कॉन्स की पंडुलिपि एक हजार से ज्यादा साल तक बचे रहने वाले सूक्ष्मजीवी रोधक चर्मपत्र पर लिखकर तैयार की गई है। पांडुलिपि में 234 पृष्ठ हैं जिनका वजन 13 किलो है।


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