Subscribe Us

हिंदी भाषा पर अनमोल विचार

हिंदी भाषा पर अनमोल विचार,हिंदी

* हिन्दी को राष्ट्रभाषा बनाना, भाषा का प्रश्न नहीं, अपितु देशाभिमान का प्रश्न है - एन. निजलिंगप्पा
* देश के सबसे बड़े भूभाग में बोली जानेवाली हिन्दी राष्ट्रभाषा, पद की अधिकारिणी है - सुभाषचन्द्र बोस
* हिन्दी भाषा और हिन्दी साहित्य को सर्वांगसुंदर बनाना हमारा कर्त्तव्य है - राजेंद्रप्रसाद
* जिस देश को अपनी भाषा और साहित्य का गौरव का अनुभव नहीं है, वह उन्नत नहीं हो सकता - राजेंद्रप्रसाद
* राष्ट्रभाषा के बिना राष्ट्र गूंगा है - महात्मा गांधी
* हिंदी का प्रश्न स्वराज्य का प्रश्न है - महात्मा गांधी
* हिन्दी एक बेहतर भाषा है, यह जितनी बढ़ेगी देश उतना ही उन्नति के राह पर होगा - जवाहरलाल नेहरू
* देश को किसी संपर्क भाषा की आवश्यकता होती है और वह (भारत में) केवल हिन्दी ही हो सकती है - इंदिरा गांधी
* हिन्दी पढ़ना और पढ़ाना हमारा कर्तव्य है उसे हम सबको अपनाना है - लालबहादुर शास्त्री
* मैं दुनिया की सभी भाषाओं की इज्जत करता हूं पर मेरे देश में हिंदी की इज्जत न हो, यह मैं सह नहीं सकता - आचार्य विनोबा भावे
* जब तक इस देश का राजकाज अपनी भाषा (हिन्दी) में नहीं चलता तब तक हम यह नहीं कह सकते कि इस देश में स्वराज्य है - मोरारजी देसाई
* हिंदी हमारे राष्ट्र की अभिव्यक्ति का सरलतम स्त्रोता है - समित्रानंदन पंत
* हिंदी का प्रचार और विकास कोई रोक नहीं सकता - पंडित गोविंद बल्लभ पंत
* हिन्दी देश की एकता की कड़ी है - जाकिर हुसैन
* हिन्दी के द्वारा सारे भारत को एक सूत्र में पिरोया जा सकता है - स्वामी दयानन्द
* हिन्दी उन सभी गुणों से अलंकृत है, जिनके बल पर वह विश्व की साहित्यिक भाषा की अगली श्रेणी में समासीन हो सकती है - मैथिलीशरण गुप्त
* जीवन के छोटे से छोटे क्षेत्र में हिन्दी अपना दायित्व निभाने में समर्थ है - पुरुषोत्तमदास टंडन
* भाषा के उत्थान में एक भाषा का होना आवश्यक है इसलिए हिन्दी सबकी साझा भाषा है - रंगनाथ पिल्लयार
* हिन्दी की एक निश्चित धारा है, निश्चित संस्कार है - जैनेन्द्रकुमार
* हिन्दी सरलता, बोधगम्यता और शैली की दृष्टि से विश्व की भाषाओं में महानतम स्थान रखती है - अमरनाथ झा
* राष्ट्रभाषा हिन्दी का किसी क्षेत्रीय भाषा से कोई संघर्ष नहीं है - अनंत गोपाल शेवड़े
* दक्षिण की हिन्दी विरोधी नीति वास्तव में दक्षिण की नहीं, बल्कि कुछ अंग्रेजी भक्तों की नीति है - के.सी. सारंगमठ
* हिन्दी भारत की राष्ट्रभाषा है और यदि मुझसे भारत के लिए एकमात्र भाषा का नाम लेने की कहा जाए तो वह निश्चित रूप से हिन्दी ही है - कामराज

Post a Comment

0 Comments