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कबूस बिन सैद (ओमान के सुल्तान)


* ओमान के सुल्तान कबूस बिन सैद का 11 जनवरी 2020 को निधन हो गया वे 79 वर्ष के थे
* सुल्तान के निधन के बाद ओमान में तीन दिन के राष्ट्रीय शोक की घोषणा कर दी गई है
* वे लम्बे समय तक गद्दी पर रहे तथा इस दौरान उन्होंने राष्ट्रहित के लिए महत्वपूर्ण निर्णय लिए
* उन्होंने ओमान के आर्थिक विकास के लिए तेल से होने वाली कमाई का प्रयोग किया
* सुल्तान काबूस शादीशुदा नहीं थे, इसलिए उनके उत्तराधिकारी की घोषणा नहीं की गई है
* ओमानी सल्तनत के नियमों के अनुसार तख्त के खाली रहने के तीन दिनों के अंदर शाही परिवार परिषद नया सुल्तान चुनेगी
* प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने अपने शोक संदेश में कहा, “मुझे महामहिम सुल्तान कबूस बिन सैद अल सैद के निधन के बारे में जानकर गहरा दुख पहुंचा है वह दूरदर्शी नेता और राजनेता थे जिन्होंने ओमान को आधुनिक और समृद्ध राष्ट्र में परिवर्तित करने में अहम भूमिका निभाई। वह हमारे क्षेत्र और विश्व के लिए शान्ति के अग्रदूत थे"
* सुल्तान कबूस का जन्म 18 नवंबर 1940 को ढोफार, सलालाह में हुआ था
* वह सुल्तान सेद बिन तेमूर और माजून अल-मशानी के एकमात्र पुत्र है
* वह अल बुई सईद वंश के संस्थापक की 14वीं पीढ़ी के वंशज हैं
* कबूस भारत के पूर्व राष्ट्रपति शंकर दयाल शर्मा के छात्र थे और इन्हें 16 साल की उम्र में इंग्लैंड में एक निजी शैक्षिक संस्थान के लिए भेजा गया था
* 20 साल की उम्र में, इन्होंने रॉयल मिलिट्री अकादमी सैंडहर्स्ट में प्रवेश किया
* सितंबर 1962 में सैंडहर्स्ट से स्नातक होने के बाद, वह ब्रिटिश सेना में शामिल हो गए और उन्हें एक बटालियन द कैमरूनियन (स्कॉटिश राइफल्स) में तैनात किया गया इन्होंने ब्रिटिश सेना के साथ एक स्टाफ की नियुक्ति भी की
* 1966 में ओमान घर वापसी के बाद कबूस ने इस्लाम और अपने देश के इतिहास का अध्ययन किया
* ओमान के आधुनिकीकरण और विकास के लिए अपने तेल राजस्व का उपयोग करने के उद्देश्य से, काबूस 23 जुलाई 1970 को अपने पिता के खिलाफ एक सफल तख्तापलट के बाद सिंहासन पर आसीन हुए
* सुल्तान काबूस वर्ष 1970 से लगातार इस पद पर बने हुए थे
* काबूस अरब जगत में सबसे लंबे समय तक सुल्तान रहे
* उन्होंने 1970 में ओमान की पूर्व औपनिवेशिक सत्ता ब्रिटेन की मदद से तख्तापलट किया था
* उनकी कोई संतान नहीं थी और उन्होंने कभी सार्वजनिक रूप से किसी को उत्तराधिकारी नहीं बनाया था
* उन्होंने घोषणा की कि देश को अब मस्कट और ओमान के रूप में नहीं जाना जाएगा, बल्कि इसकी राजनीतिक एकता को बेहतर ढंग से दर्शाने के लिए इसका नाम बदलकर "ओमान सल्तनत" कर दिया गया
* ओमान में सभी राजनीतिक शक्तियां सुल्तान में केंद्रित होती हैं वह सशस्त्र बलों के कर्मचारियों, रक्षा मंत्री, विदेश मामलों के मंत्री और सेंट्रल बैंक का प्रमुख होता है

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