चमकी से निपटने के लिए स्वास्थ्य विभाग पूरी तरह कमर कस रहा है। चमकी को लेकर SKMCH और सदर अस्पताल में अलग से वार्ड बनाया गया है। इसको लेकर जिला वीबीडी नियंत्रण पदाधिकारी डॉ सतीश कुमार ने कहा कि स्वास्थ्य विभाग चमकी पर पूरी तरह सजग और सतर्क है। पीएचसी स्तर तक सुविधाएं संपूर्ण हैं।
उन्होंने बताया कि हरेक पीएचसी में वातानुकूलित दो बेड का वार्ड चमकी के लिए रिजर्व हैं। वहीं सदर अस्पताल और SKMCH में भी अलग से AES के लिए अलग से वार्ड बनाए गए हैं। अस्पतालों में ऑक्सीमीटर और ग्लूकोमीटर जैसे छोटे और उपयोगी उपकरणों सहित आवश्यक दवाओं की व्यवस्था की जा चुकी है। जिला एवं प्रखंड स्तर पर AES कंट्रोल रूम स्थापित किए गए हैं। गांवों में ORS पैकेट बांटे जा रहे हैं। ड्रग स्टोर में अभी 50 हजार ORS पैकेट उपलब्ध है। प्रचार-प्रसार के लिए विभिन्न प्रखंडों में 25 आरबीएसके वाहनों से माइकिंग कराई जा रही है। इसके अलावा पंचायत भवन, आंगनबाड़ी, सामुदायिक भवन, महादलित टोला, विद्यालयों में दीवार लेखन कराया गया है।
स्वास्थ्यकर्मियों को दिया गया है प्रशिक्षण
उन्मुखीकरण के दौरान केयर इंडिया के डीटीएल सौरभ तिवारी ने बताया कि चमकी को लेकर निगरानी, स्वास्थ्यकर्मियों का क्षमतावर्धन, अस्पताल की तैयारी और बच्चों को ससमय अस्पताल ले जाना ये ऐसे फैक्टर हैं जिससे चमकी के प्रभाव पर नियंत्रण पाया जा सकता है। चमकी पर तैयारी के संदर्भ में सौरभ तिवारी ने कहा कि सभी डॉक्टर और स्वास्थ्यकर्मियों का क्षमतावर्धन किया जा चुका है। इसके साथ ही सभी एम्बुलेंस के ईएमटी का भी प्रशिक्षण हो चुका है।
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